Early Detection and Preventions

नि:शक्‍तता की रोकथाम एवं शीघ्र पहचान के लिए गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्‍था में टीकाकरण, पोषण आहार तथा गर्भावस्‍था में टीकाकरण, पोषण आहार तथा गर्भावस्‍था में ब‍रती जाने वाली सावधानियो की जानकारी, प्रसव उपरान्‍त जच्‍चा बच्‍चा की उचित देखभाल तथा आवश्‍यक टीकाकरण की कार्यवाही की जाकर नि:शक्‍तता की रोकथाम हेतु अप्रैल-जुलाई-अक्‍टूबर-जनवरी- के प्रत्‍येक त्रैमास में महिला एवं बाल विकास तथा लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग द्वारा सतत कार्यवाही की जाती है ।

0-6 वर्ष आयु समूह के शिशुओं का जन्‍मजात रोगो के संबंध में शीघ्र पहचान हेतु स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण शिविरों का आयोजन, शासकीय चिकित्‍सालय/स्‍कूल/ग्राम स्‍तर पर सतत संचालित किये जाते हैं ।

नि:शक्‍त व्‍यक्तियों के शारीरिक पुनर्वास हेतु उनकी सुधारात्‍मक शल्‍य चिक्तिसा की जाती है। शिविरों के माध्‍यम से परीक्षित नि:शक्‍त व्‍यक्तियों की शल्‍य चिकित्‍सा विषय विशेषज्ञ शल्‍य चिकित्‍सकों तथा गंभीर रूप से नि:शक्‍त व्‍यक्तियों की शल्‍य चिकित्‍सा राज्‍य के बाहर विषय विशेषज्ञ के माध्‍यम से सम्‍पन्‍न कराई जाती हैं।

राज्‍य शासन द्वारा दीनदयाल अन्‍त्‍योदय उपचार योजना तैयार की गई है, जिसके तहत अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग के ऐसे परिवार जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे है, जिसके तहत एक परिवार को एक वित्‍तीय वर्ष में रू. 20,000 की जॉच एव उपचार की सुविधा प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है।

भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रो के चिकित्‍सा अधिकारियों के राष्‍ट्रीय उन्‍मुखीकरण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 300 चिकित्‍सों को नि:शक्‍तता बाबत् प्रशिक्षित किया जाकर प्राथमिक चिकित्‍सा केन्‍द्रो में पदस्‍थ किया गया है।

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